Rameshwar Arya Lili Karmakar चल युवा उठ खड़े हो ,
बन जा बलवान |
अब बात आन पे आई रे,
गिद्दो की नज़र ,
तो तुझपे ही छाई रे ...
उठा भार सबका ,
ना सोचो खुद की,
भर हुंकार ..... |
जूझ बोछारो से,
बनकर चट्टान |
अब तो जिन्दगी रणभूमि,
बन आई रे |
बात युवा के बल पर,
उठा खड़ी आई रे |
सर ऊँचाकर उठ खड़ा हो ,
बन जा तू सरदार ....|
अब तो गगन ,
अगन बरसावत रे |
बन बादल मंडरा ...
गिद्दो पर ...
वो भी जाने अब तो ..
काली घटा छाई रे |
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