Tuesday, January 17, 2012

Rameshwar Arya ‎Lili Karmakar चल युवा उठ खड़े हो , बन जा बलवान | अब बात आन पे आई रे, गिद्दो की नज़र , तो तुझपे ही छाई रे ... उठा भार सबका , ना सोचो खुद की, भर हुंकार ..... | जूझ बोछारो से, बनकर चट्टान | अब तो जिन्दगी रणभूमि, बन आई रे | बात युवा के बल पर, उठा खड़ी आई रे | सर ऊँचाकर उठ खड़ा हो , बन जा तू सरदार ....| अब तो गगन , अगन बरसावत रे | बन बादल मंडरा ... गिद्दो पर ... वो भी जाने अब तो .. काली घटा छाई रे |

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